भूमिका
आजकल live sessions, comments और personal queries में एक सवाल सबसे ज़्यादा पूछा जा रहा है—“क्या रोज़-रोज़ करने की इच्छा आना नॉर्मल है?” कई लोग इसे guilt के साथ देखते हैं, तो कई लोग डर जाते हैं कि कहीं यह कोई बीमारी तो नहीं। इस ब्लॉग में हम इस विषय को medical science, psychology और relationship health के नजरिए से पूरी गहराई में समझेंगे। यह लेख पूरी तरह educational, AdSense‑friendly और practical guidance पर आधारित है।
रोज़ करने की इच्छा आखिर आती क्यों है?
इंसान के शरीर में कुछ hormones होते हैं जो उसकी sexual desire को कंट्रोल करते हैं। इनमें सबसे प्रमुख है Testosterone (पुरुषों और महिलाओं—दोनों में पाया जाता है)।
जब यह hormone एक्टिव रहता है:
- शरीर में ऊर्जा ज़्यादा होती है
- attraction जल्दी develop होता है
- sexual thoughts बार‑बार आते हैं
यही वजह है कि कई लोगों को रोज़ करने की इच्छा महसूस होती है, खासकर young age में।
क्या इसे भूख से compare करना सही है?
हाँ, एक हद तक। जैसे:
- खाना शरीर की physical need है
- वैसे ही intimacy और sexual activity emotional‑physical need हो सकती है
अगर खाना पूरा नहीं हुआ, तो भूख जल्दी लगती है। ठीक वैसे ही अगर sexual satisfaction अधूरी रह जाए, तो इच्छा बार‑बार आ सकती है।
रोज़ करने की इच्छा कब Normal मानी जाती है?
यह पूरी तरह normal मानी जाती है अगर:
- करने के बाद मन शांत रहता हो
- काम, नींद या daily routine प्रभावित न हो
- partner के साथ bonding ठीक हो
- जब न हो पाए तो बेचैनी या गुस्सा न आए
इस स्थिति में इसे healthy libido कहा जाता है।

कब यह Problem का संकेत हो सकता है?
रोज़ करने की इच्छा तब concern बनती है जब:
- न करने पर anxiety या irritability हो
- दिमाग बार‑बार उसी तरफ जाए
- porn या imagination पर dependency बढ़ जाए
- partner की consent या comfort ignore होने लगे
यह condition कभी‑कभी hypersexual behavior या hormonal imbalance की ओर इशारा कर सकती है।
Erection और Desire में फर्क समझना ज़रूरी है
कई पुरुष erection को desire समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग हैं।
- erection एक physical response है
- desire एक mental‑emotional state है
अचानक erection आना यह दर्शाता है कि body healthy है, न कि आपको तुरंत sex चाहिए।

Relationship Satisfaction का रोल
जिन लोगों को:
- emotional connect नहीं मिलता
- communication gap होता है
- fantasies openly discuss नहीं हो पाती
उनमें desire बार‑बार उठती है क्योंकि दिमाग satisfaction ढूंढ रहा होता है।
Lifestyle और Sexual Desire
आपका lifestyle भी बहुत बड़ा रोल निभाता है:
- ज्यादा stress → desire कभी बढ़ सकती है, कभी घट
- poor sleep → hormonal imbalance
- exercise → healthy libido
- alcohol/smoking → performance issues
क्या उम्र के साथ desire बदलती है?
हाँ। उम्र बढ़ने के साथ testosterone level धीरे‑धीरे कम होता है। लेकिन अगर:
- कम उम्र में ही desire uncontrollable लगे
- या performance fast गिरने लगे
तो यह medical check का संकेत हो सकता है।
Healthy Balance कैसे बनाएं?
1. Body को समझें
हर body अलग होती है। comparison छोड़ें।
2. Partner से बात करें
इच्छा दबाने से बेहतर है, सही तरीके से communicate करना।
3. Physical activity बढ़ाएं
Exercise desire को regulate करने में मदद करती है।
4. जरूरत पड़े तो expert से मिलें
Doctor या counselor से बात करना कमजोरी नहीं है।
FAQs
Q1. क्या रोज़ sex करना नुकसानदायक है?
अगर दोनों comfortable हैं और body allow करती है—तो नहीं।
Q2. क्या ज़्यादा इच्छा बीमारी है?
हर बार नहीं। Context ज़रूरी है।
Q3. क्या desire कम‑ज्यादा होना normal है?
हाँ, यह hormones और life phase पर depend करता है।
निष्कर्ष
रोज़ करने की इच्छा अपने आप में न तो सही है, न गलत। यह आपकी body, hormones, mind और relationship—चारों पर depend करती है। असली सवाल यह नहीं कि कितनी बार, बल्कि यह है कि आप mentally और emotionally balanced हैं या नहीं।


